Tuesday, October 20th, 2026

पश्चिम बंगाल में मिठाई की दुकानों तक पहुंची 'खेला होबे' बनाम 'जय श्री राम' लड़ाई

 कोलकाता 
चुनावों की यह कड़वी लड़ाई तो अब मिठाई की दुकानों तक पहुंच गई है। चुनावी मिजाज को भांपते हुए लोग आपस में 'खेला होबे' बनाम 'जय श्री राम' लड़ाई लड़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, सियासी लड़ाई भी तल्ख होती जा रही है। कोलकाता की प्रतिष्ठित मिठाई की दुकानों में से एक, बालाराम मल्लिक राधारमण मल्लिक ने एक सोंदेश (मिठाई) लेकर आए हैं, इनपर दो नारे लिए हुए हैं। सफेद और हरे रंग को सोंदेश पर 'खेला होबे' लिखा है। 

वहीं, सफेद और नारंग रंग के सोंदेश पर 'जय श्री राम' लिखा है। आपको बता दें कि ‘खेला होबे’ का अर्थ होता है लड़ाई जारी है। पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस द्वारा यह नारा दिया गया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी की रैलियों में जमकर 'जय श्री राम' के नारे गूंजते हैं। मिठाई दुकान के मालिक सुदीप मल्लिक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ''राजनीतिक पार्टियां और उनके समर्थक 'खेला होबे' और 'जय श्री राम' वाला सोंदेश खरीद रही है।'' उन्होंने कहा कि दुकान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ 'मोदी सोंदेश' और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ 'दीदी सोंदेश' भी उपलब्ध है। 

ऐसी मिठाइयों की चुनावों के दौरान मांग होती है।" रिश्रा स्थित एक और प्रमुख मिठाई की दुकान फेलु मोदक में भी राजनीतिक रंग में रंगी मिठाईयां बेची जा रही हैं। दुकान के मालिकों में से एक अमिताभ डे ने कहा, ''खेला होबे' थीम पर सोंदेश बेचने के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है। हम सिर्फ उन लोगों से जुड़ना चाहते थे जो नारा पसंद करते हैं। हम उनकी भावनाओं को छूना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि 'खेला होबे' के नारे के साथ सफेद, हरे और नारंगी में तीन प्रकार की मिठाईयां हैं। चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी और आम के स्वाद वाले सोंदेश की कीमत 40 से 100 रुपये के बीच है। डे ने कहा, "हमें उम्मीद है कि राजनीतिक दलों के समर्थकों के अलावा, मिठाई आम लोगों के बीच हिट होगी।"

 

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Source : Agency

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